Love jihad | लव जिहाद के कारण | क्या है लव जिहाद की सच्चाई

 love jihad kya hai | love jihad  | लव जिहाद के मामले






लव जिहाद क्या है  | love jihad meaning in hindi

आसान भाषा मे कहा जाए तो अपने धर्म के प्रचार के लिए झूठे प्यार का इस्तेमाल करना love jihad है । और भी आसान शब्दो मे एक मुस्लिम लड़का जब अपना धर्म छिपाकर हिंदू लड़की से शादी कर या शादी करने की कोशिश करे तो ये लव जिहाद है । कुछ  लोगों का कहना है कि एक मिशन के तहत मुसलमान लड़के हिंदू लड़कियों को प्यार के झांसे में फंसा रहे है ताकि उनसे शादी करके  हिन्दू लड़कियों को मुस्लिम बनाया जा सके । 



जबकि असल मे इस्लाम के अनुसार  लड़का और लड़की का मुसलमान होना निकाह की पहली शर्त है । अगर कोई मुस्लिम लड़का हिन्दू लड़की से शादी कर रहा है तो वह शादी या निकाह जायज ही नही है । ऐसे में उस मुस्लिम लड़के और उस हिन्दू लड़की के बीच सारे ताल्लुक हराम होंगे और वह निकाह भी हराम ही होगा । 


असलियत में एक मुसलमान लड़का हिन्दू लड़की से शादी कर ही नही सकता । इस्लाम धर्म के अनुसार एक मुस्लिम लड़का या लड़की सिर्फ एक मुसलमान से ही शादी कर सकते है । एक मुस्लिम लड़का जब तक एक गैर मुस्लिम लड़की से शादी नही कर सकता जब तक कि मुस्लिम धर्म नही अपना लेती ।

लव जिहाद का अर्थ 

Love jihad एक ऐसा शब्द जिसे भारत के मुसलमानों में आतंक मचाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है । 

हजारों की तादात में ऐसे मुसलमान लड़के है जिन्हें लव जिहाद के नाम पर जेलों में बंद किया जा रहा है । अगर कोई मुस्लिम लडका हिन्दू लड़की से शादी करे तो वह लव जिहाद जबकि  अगर कोई मुस्लिम लड़की हिन्दू लड़के से शादी करे तो उसे घर वापसी कहकर सपोर्ट किया जाता है  ये हमारी सरकारों का दोगला पन नही तो आखिर क्या है ।


Love jihad  एक ऐसा भूत है जो असलियत में है ही नही लेकिन मुसलमान लड़का बस एक हिन्दू लडक़ी से शादी ना कर पाए इसलिए तरह तरह के कानून बनाये जा रहे है ।


क्या ऐसा मुमकिन भी है दो लोग एक साथ मे वक़्त गुज़ार रहे हों और वो दोनों एक दूसरे के धर्म के बारे में अनजान रहे पाएँ । असल मे ऐसा होना मुमकिन ही नही है कोई कोई भी शक़्स अपने प्रेमी से अपना धर्म छिपा पाए । जब दो लोग एक ही कॉलेज या एक ही गांव या शहर में रहते हो तो कैसे मुमकिन है कोई वो एक दूसरे के धर्म के बारे में अनजान रहे । 


love jihad मीडिया चेनल की TRP और राजनीति


love jihad असल मे एक भूत है जिसे  bjp ने वोट की राजनीति के लिए बनाया है और मीडिया चेनल ने अपनी TRP बढ़ाने के लिए love jihad के झूठ को सच बनाने में कामयाब रहे है । मीडिया और बीजेपी लोगों को ये समझने में कामयाब भी रहे है कि ये सब साजिश के तहत किया जा रहा है और मुसलमान धर्म के लोग ये सब सोच समझ कर रहे है अपने धर्म प्रसार प्रचार करने के लिए ।


लव जिहाद के कारण । love jihad की असलियत क्या है ?


जब परिवार की मर्ज़ी के खिलाफ लड़का और लड़की भाग कर शादी करने की कोशिश करते है तो अक्सर वो सफल नही हो पाते । लड़की के फैमिली वाले पुलिस के जरिये या समाज के ज़रिए इतना दबाव बनाते है कि लड़का और  लड़की को वापिस घर आना ही पड़ता है ।


इसके बाद कानून का खेल शुरु होता है । जो लड़की आपके साथ 

कुछ दिनों पहल ही  जीने मरने की कसम खाती थी वही आप पर अपहरण और बलात्कार के आरोप भी लगती है |

अक्सर ऐसा ही होता कि लड़की अपनी सहमति से ही लड़के के साथ जाती है लेकिन घर से भागने की असफल कोशिश लड़के की ज़िंदगी तबाह कर जाती है और फिर उसे अपहरण और बलात्कार जैसे इल्ज़ाम का सामना करना पड़ता है । 

सोचने के बात ये है की सहमति से जाने के बाद भी लडक़ी अगर लड़के पर अपहरण का झूठा इल्ज़ाम लगा सकती है तो फिर लव जिहाद का आरोप क्यों नही लगा सकती ।


कई बार तो एक मुसलमान लड़के से शादी करने पर हिन्दू लड़की के मां बाप कोई ऐतराज नही होता लेकिन हिन्दू संगठन लड़की के परिवार पर दबाव बनाकर केस करवाते है और लड़की को जबरन लड़के से अलग करने की कोशिश करते है । कुछ लोगों को ये बात सुनने में अजीब लग सकती है लेकिन सच्चाई तो ये ही है ।



love jihad law


भारत मे कथित तौर पर बढ़ रहे मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार  भारतीय संहिता कानून 2023 लेकर आई है जिसके तहत अपना धर्म छिपाकर शादी करना क़ानूनन जुर्म है इसकी सज़ा 10 साल तक हो सकती है ।

love jihad case | लव जिहाद के मामले

Love jihad  का पहला केस केरल की अखिला अशोकन का है जो शफीन से शादी के हदिया बन गयी ।


पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे पुलिस और हाइकोर्ट तक ने इस मामले को लव जिहाद साबित करने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगा दिया । 

हदिया के लाख कहने पर भी पुलिस और हाइकोर्ट ने इस शादी को मानने से इनकार कर दिया । 

अगर सुप्रीम कोर्ट इस शादी को मान्यता नही देता तो आज शफीन लव जिहाद के केस में जेल में सड़ रहा होता ।

कई मामलों में पाया गया है कि हिंदू संगठन लड़की के परिवार पर दबाव बनाकर लड़की को वापस लाने की कोशिश करते है । 

क्या वास्तव में धर्म के प्रसार के लिए मोहब्बत का इस्तेमाल किया जा रहा है । और अगर किया जा रहा है तो वो कितना सही है 

अगर ऐसा नही किया जा रहा है तो क्या ये सिर्फ एक प्रोपगेंडा है । अगर कोई मुस्लिम लड़का किसी हिन्दू लड़की से अपना धर्म छिपाकर शादी करता है तो उसे लव जिहाद कहते है

रियल तस्वीर ये है कि निकाह की पहली शर्त ये है कि  एक मुसलमान लड़का  सिर्फ एक मुसलमान लड़की से ही निकाह कर सकता है ।  एक मुस्लिम लड़के का शादी तब तक एक गैर मुस्लिम से नही हो सकती जब जक की वो इस्लाम कबूल नही कर लेता । 

अगर कोई शक़्स अपने मुस्लिम होने को छिपाकर किसी से शादी करता है तो वो शादी इस्लाम के अनुसार मान्य ही नही है ।

इस लिए ये कहना कि लव जिहाद इस्लाम के प्रचार का तरीका है बिल्कुल गलत है ।

लव जिहाद रोकने के उपाय

इस सवाल का जबाब बहुत ही आसान है । मोहब्बत लड़के और लड़की के बहुत ज्यादा करीब आने का ही नाम है । किसी की बोलचाल कैसी है किसी का पहनावा कैसा है या फिर लहज़ा कैसा है ये देखकर ही धर्म आसानी से पहचान में आ जाता है 

कैसे एक इंसान का धर्म दूसरे को नज़र नही आता जबकि वो एक दूसरे के करीब होने का दावा करते है । love jihad के मम्मले तभी बंद होने जब हिन्द मुसलमानों में शादी


love jihad case की पहली सज़ा 


लव जिहाद मामले में पहली सज़ा संभल जिले के रहने वाले मोहम्मद अफ़ज़ल को हुई । एक नाबालिग लड़की से धर्म छिपाकर शादी करने के आरोप में अफ़ज़ल को 5 साल की सज़ा और 40 हज़ार का जुर्माना भरने की सज़ा सुनाई गई । मोहम्मद अफ़ज़ल अमरोहा में एक नर्सरी संचालक के यहां ड्राइवर के रूप में काम करता था  । इस दोहरान अफ़ज़ल की मुलाकात नर्सरी संचालक की 16 वषय बेटी से होती है और दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगते है । इस दोहरान दोनों भाग कर शादी कर लेते है । कथित रूप से कहा जा रहा है कि अफजल ने लड़की से अपना परिचय अरमान कोहली के रूप में करवाया । और इसी बात को मुख्य मान कर निचली अदालत ने अरमान को लव जिहाद का आरोपी मानकर सज़ा सुनाई ।


love jihad केस की पहली सज़ा पर उठे सवाल


लव जिहाद की पहली सज़ा में ही up सरकार की साजिश की बू नज़र आती है । एक नर्सरी संचालक अगर किसी को ड्राइवर की  नॉकरी  पर रखता है तब क्या उसने उसका ड्राइविंग लाइसेंस नही देखा होगा । क्या ड्राइविंग लाइसेंस से अफ़ज़ल का सही नाम और धर्म का उसे पता नही चला होगा । क्या लड़की वास्तव में अफ़ज़ल का धर्म नही जानती थी इस सवाल का ज़बाब किसी से तो पूछा जाना चाहिए ।

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