Love marriage in islam | इस्लाम लव मैरिज , गर्ल फ्रेंड और परिवार की मर्ज़ी के बिना शादी के बारे में क्या कहता है ?

 Love marriage in islam | is love marriage allowed in islam |sex in islam what is not allowed





Islam धर्म के बारे में लोगों की आम राय है कि ये रूढ़िवादी धर्म है और इसमें मोहब्बत की इजाजत नही है । अगर मोहब्बत का मतलब शादी से पहले शारिरिक संबंध से है तो हां इसकी इजाजत नही है और शायद किसी भी धर्म मे नही है  ।

लेकिन मोहब्बत का मतलब अपनी पसंद की सादी करने से है तो इस्लाम शादी की इजाज़त देता है । 


 एक हदीस में साफ तौर पर कहा गया है कि दो मोहब्बत करने वालों में निक़ाह से बेहतर कोई चीज नही है । निक़ाह में भी लड़के और लड़की दोनों से रजामंदी लेना जरूरी है । ये ही पसंद की शादी है लड़की को अगर लड़का पसंद नही है तो निक़ाह के वक़्त ही वह मना कर सकती है इसकी आजादी इस्लाम ने औरत को दी है ।


Islam के बारे में लोगों के कुछ सवाल है और कुछ गलतफहमियां है जिन्हें आज हम इस लेख के ज़रिए दूर करने की कोशिश करेंगे ।



सवाल no 1  इस्लाम में शादी से पहले प्यार हराम क्यों है ?  Before marriage sex haram in islam ?


इस्लाम मे शादी से पहले प्यार हराम है इससे जानने के लिए ये जानना ज़रूरी है कि प्यार के अंतर्गत हम क्या करते है । अगर हम एक दूसरे को प्यार करते है और एक दूसरे को पसंद करते है और शादी करना चाहते है और प्यार में होने वाली आम क्रिया जैसे आलिंगन , चुम्बन , और सेक्स के लिए शादी तक का इंतज़ार करते है तब ऐसे प्यार को हराम नही कहा जा सकता है । 


लेकिन अगर प्यार का मकसद शादी से पहले आलिंगन करना , चुम्बन करना और सेक्स करना तब शादी से पहले ऐसा प्यार हराम है । 



सवाल no 2  क्या इस्लाम मे गर्ल फ्रेंड रखना हराम है ?Having girlfriend is haram in islam ?

इस्लाम के अनुसार लड़का और लड़की को एक साथ रहने की  , एक दूसरे को छूने की  और यहां तक कि बिना किसी महरम की मौजूदगी के बात करने की भी इजाज़त नही है । आज के दौर में लोग ज़वानी की दहलीज पर कदम रखते ही अपनी नाजायज ख्वाहिश को पूरी करने के लिए लड़कियों से दोस्ती करने की कोशिश करते है । ये दोस्ती इसलिए नही है कि वो लड़की से सच्ची मोहब्बत करते है या फिर उससे निक़ाह करना चाहते है बल्कि चंद दिनों के लिए अपनी नापाक ज़रूरत का जरिया होती है । इसलिए इस्लाम मे मुसलमान लड़को के लिए गर्ल फ्रेंड बनाना जायज़ नही है ।


सवाल no 3  अगर लड़का और लड़की दोनों एक दूसरे को पसंद करते है और लड़की और लड़के के मां बाप शादी के लिए राजी नही होते तब सही रास्ता क्या है ।


इस्लाम की मान्यता के अनुसार अगर लडक़ी बालिग है तो अपने माँ बाप की इजाज़त के बिना भी निक़ाह कर सकती है बशर्ते कि लड़का कुफू ( बराबरी ) में हो । अगर लड़की बेहद अमीर घर की है और वह एक ऐसे लड़के को पसंद करती है जो  बेहद गरीब है और माँ बाप भी ऐसी शादी को मना कर रहे है तो ऐसी शादी का निभ पाना ना मुमकिन है । इसलिय लड़के का kufu में होना ज़रूरी है वरना वली की रजामंदी के बिना निक़ाह जायज़ नही । 




सवाल no 4  क्या इस्लाम के नजरिये से मैं ऐसी लड़की से निकाह कर सकता हूँ जिसके साथ मे शादी से पहले सोता हूं ?


इस्लाम मे शादी किये बगैर सेक्स करना हराम है । बिना शादी संभोग को कुकर्म या जिना कहते है । अगर एक लड़की का निकाह एक लड़के से होना तय हुआ और उससे पहले वो दोनों शारीरिक संबंध बना लेते है तो ये संबंध जिना ही कहलाए जायेंगे । जिना इस्लाम मे 11 सबसे बड़े गुनाहों में से एक है । इसलिए लड़का और लड़की दोनों को ऐसे संबंध के लिए तौबा करनी चाहिए और खुदा से माफी मांगनी चाहिए । और जब तक कि शादी हो नही जाती तब दुबारा ऐसे संबंध नही बनाने चाहिए ।


सवाल no 5  मुझे एक मुस्लिम से प्यार हो गया है मैं एक ईसाई हूँ मुझे शादी के लिए क्या करना चाहिए ?


इस्लाम धर्म मे अपनी पसंद की शादी की इजाजत है लेकिन निक़ाह की पहली शर्त ये है कि लड़का और लड़की दोनों को ही मुसलमान होना जरूरी है । एक ईसाई या फिर एक हिन्दू से मुसलमान का निकाह मुमकिन नही है । अगर एक इसाई को मुसलमान लड़की से शादी करनी है तो उसे पहले ईमान में दाखिल होना पड़ेगा और मुसलमान ही होना पड़ेगा । अगर एक ईसाई लड़की को मुसलमान लड़के से मोहब्बत है तब भी निक़ाह की ये ही सूरत है ।





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